- भरोसा मोदी के इरादों पर…
- हर पल वह केवल वोट चुराता है..
- एक ही तो खेल है नरेंद्र मोदी फेल हे….
- घडवू अमुचा समर्थ भारत
- मोदी हारता नही
- देणाऱ्याने देत जावे
- भाषा पराई सोच पराई..
- काम करती केवल पनोती
- लोकशाही झाली झुंडशाही
- केवल प्रकाश होगा.
- काय घडते महाराष्ट्रात माझ्या:-
- हनुमान चालीसा चा प्रश्न:
- वेडात मराठे पुन्हा दौडावे साथ:-
- दशहरा पूजन:-
- नया भारत नयी चेतना:-
- होगा शिवताण्डव फिर एक बार
- गळ्यात साखळी ‘सोनिया’ची:-
- याद न रही कुर्बानी:-
- दुर्गा पूजन होने दो:-
- कश्मीर आतंक का केंद्र बिंदु ना रहेगा
- महाराष्ट्र धर्म वाढवावा
- विपक्ष एकता की बात
- राजकारणाचा चेहरा आज अति भेसूर
- तुमच्या गिरणीचा वाजू द्या भोंगा
भरोसा मोदी के इरादों पर…

ना विरोधियों की बात, पर ना किसी शहजादों पर
आम नागरिक हूं मै, भरोसा मोदी के इरादौं पर…
महासत्ताओं का खेल भयंकर कैसी चलती कूटनीति
संकट के बादल लगातार उतनी ही कुशल रणनीति
दुर्भाग्य देश का विरोधी दलों की ओछी राजनीति
नासमझ शांती से सोता, चलता देश मजबूत कंधो पर …
आम नागरिक हूं मै , भरोसा मोदी के इरादौं पर…
कभी करोना का डर कभी सुरंग मे फसे मजदूर
नक्षली आतंकी हमलावर कोई मांगे स्त्री का सिंदुर
निश्चय निर्णय कार्यप्रवण लगा सेवा मे.ही निरंतर
हर हालत मे निश्चल रहता अपने ही वादों पर
आम नागरिक हूं मै, भरोसा मोदी के इरादौं पर…
सदियों के शाप से मुक्त आज भव्य राम मंदिर
महसूस करता गर्व तिरंगा जब लहराता चांद पर
कदम आत्मनिर्भर दुनिया मे बढा सन्मान स्वीकार
अविरत चलता कर्मयोगी कर्तव्य की राह पर….
आम नागरिक हूं मै ,भरोसा मोदी के इरादौं पर…
हर पल वह केवल वोट चुराता है..

रातदिन वह देश के लिए काम करता है
हर दिन हर पल वह केवल वोट चुराता है….
हर साल मनाएं दिवाली सैनिकों के साथ
करोना टीका के लिए आगे अपना करे हाथ
सुरंग में फसे मजदूर रिहायी की करे बात
अयोध्या कारागीरों पर फूल की बरसात
सुखदुःख भारत के सबके साथ बाटता है
हर दिन हर पल वह केवल वोट चुराता है
सर्जिकल स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर
अर्थव्यवस्था या कानून सुधार करे निऱतर
हर क्षेत्र में प्रगती बनाये देश आत्मनिर्भर
विदेश नीती मे भी दुनिया को झुकाता है
हर दिन हर पल वह केवल वोट चुराता है
करतूत शून्य आपकी फेकते केवल पत्यर
बातों मे गंदगी जुबान फिसलती बार बार
ठुकराती है जनता आपको बंद करे द्वार
दो प्रवृत्तीयों में जनता को दिखे बडा अंतर
चार घंटो की नींद सपना लेकर सोता है
हर रात हर पल वह केवल वोट चुराता है…
एक ही तो खेल है नरेंद्र मोदी फेल हे….

खेलना है दोस्तो एक ही तो खेल है
जोर से बोलो नरेंद्र मोदी फेल हे….
समय से पहले आया क्यू बारिश
मेंढक सोता रहा किसने की शिफारश
गंदे नाले का कीडा बस सोचता रहा
कूडाकचरा मैने फेका नाला तोबहता रहा
कीडा मेंढक से तब से है पुछता
सिंधू जलनीती का है कोई रिश्ता
कभी सुना ब्रह्मोस कभी सुना राफेल है
जोर से बोलो नरेंद्र मोदी फेल है
हनुमान ने जलाई सारी लंका
वीरपुत्र का दुनिया मे बजा डंका
पूछना फिर भी है हमारा अधिकार
बिना सीतामाता लौटे क्यू किया सीझफायर
मारीच की पुकार क्यू समझ मे न आई
रावण ने माता सीता कैसी तो चुराई
सत्ययुग में ऐसी घटना का क्या तालमेल है
जोर से बोलो नरेंद्र मोदी फेल है
हमारे राज मे रोज केवल धमाके होते
चुटपुट लडाई बिना हम कुछ नही जानते
सोच हमारी छोटी आतंकियों के लिए रोते
शांति हमे प्रिय पडोसियों के साथ गाते
हमसे दिखता है कोई करता है बेहतर
जलन होती है मन में दिखता हे अंधकार
गाली दो बाकी सब तो अलबेल है
बकने की आजादी ना फासी ना जेल है
जोर से बोलो नरेंद्र मोदी फेल है
घडवू अमुचा समर्थ भारत

पहलगामचा प्रतिशोध घेता, शांतिप्रिय नागरिक मनी हसे
घडवू अमुचा समर्थ भारत हीच भावना मनी वसे ॥
असंतुलित अंतर्गत सत्तांभोवती
फिरते पाक आतंकनीती
सारी भारतद्वेषच जपती
छावण्यांसह तयांचे मिटवू ठसे ॥
जवानांत अमुच्या काय उणे
धैर्यापुढे त्यांच्या गगनही ठेंगणे
नका करु असे कोण म्हणे
श्वानांचे भुंकणे गजेंद्राच्या ध्यानी नसे ॥
इतिहासाची तुम्ही चाळा पाने
आक्रमणाची नसती निशाणे
प्रजारक्षणासाठीच लढणे
कुणी आक्रमिता परंतु उत्तर देऊ जशास तसे ॥
कुणी यास युद्धज्वर म्हणतील
शांतिपाठ पढतील, चर्चा झडतील
कलेसाठी अश्रुही ढासळतील
भक्षक रक्षक भेद ह्यांस ठाऊ नसे ॥
सत्यशोधाचा येथे उगम
विविध परंपरांचा तयात संगम
पूज्य येथे बुद्धही गौतम
विश्वशांतिचा खरा उद्घोष असे ॥
Written by: Madhav Kulkarni Source: madhavkblog.in
मोदी हारता नही
मोदी हारता नही चाहे लगाओ दम जितना है
विकसित भारत एक लक्ष्य यही तो सपना है
सदियों से चले कितने विदेशी आक्रमण
भग्न संस्कृती अवशेष खोया वैभव धन
देखी मातृभूमी के कितने बार विच्छेदन
पीडा है मन की गहन यह अधूरी वेदना है
मिटानी है हमारे अंदर कमिया बुराईया
जातपात जंजिरे तोडो हटाओ मन की दुरिया
ना रहे कोई विषमता ना कोई मजबूरिया
समरसता पथ पर आज अविरत चलना है
मोदीं ना व्यक्ती है ना कोई एक संघटन
स्वार्थ जोडतोड से ना बना गठबंधन
आशा मानवता की मातृभूमी का या वंदन
यही भारत मा रूप यही राष्ट्र की चेतना है