राजकीय

हर पल वह केवल वोट चुराता है..

रातदिन वह देश के लिए काम करता है 

हर दिन हर पल वह केवल वोट चुराता है…

हर साल मनाएं दिवाली सैनिकों के साथ 

करोना टीका के लिए आगे अपना करे हाथ

सुरंग में फसे मजदूर रिहायी की करे बात

अयोध्या कारागीरों पर फूल की बरसात

सुखदुःख भारत के सबके साथ बाटता है 

हर दिन हर पल वह केवल वोट चुराता है 

सर्जिकल स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर

अर्थव्यवस्था या कानून सुधार करे निऱतर

हर क्षेत्र में प्रगती बनाये देश आत्मनिर्भर 

विदेश नीती मे भी दुनिया को झुकाता है 

हर दिन हर पल वह केवल वोट चुराता है 

करतूत शून्य आपकी फेकते केवल पत्यर

बातों मे गंदगी जुबान फिसलती बार बार 

ठुकराती है जनता आपको बंद करे द्वार 

दो प्रवृत्तीयों में जनता को दिखे बडा अंतर 

चार घंटो की नींद सपना लेकर सोता है 

हर रात हर पल वह केवल वोट चुराता है…

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नमस्कार,

 माझ्या ब्लॉगला भेट दिल्याबद्दल धन्यवाद. आपल्या भोवती घडणाऱ्या घटनातून, अनुभवातून आपल्या सर्वांच्या मनात अनेक पडसाद, भावना उमटतात. त्या फक्त शब्दबद्ध करणे हा अल्पसा प्रयत्न आहे.  या प्रवासात आपण सहप्रवासी आहात याचा आनंद आहे. आपण आपली प्रतिक्रिया ब्लॉगवर जरूर नोंदवा.

नवविवाहित दांपत्याच्या स्वप्नांना अलगद उलगडत संसार सजवणारा दहा कवितांचा संग्रह आहे …. सुखचित्र नवे

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