
कर्तव्य पथ पर आज अश्वमेध चल रहा है.
विरोधियों देखो, मेरा देश कैसा बदल रहा है.
राम बिना राजनीति, रावण जैसा अहंकार
जाति से लडाये जाति, अलगता का विचार
पिता पुत्र भतीजा, केवल मेरा ही परिवार
जोडतोडं हिंसाभय मतदार ठुकर रहा है
विरोधियों देखो, मेरा देश कैसा बदल रहा है…
ना फेके कोई पत्थर, ना छिनेगा कोई सिंदुर
घर के अंदर घुसकर आतंक पर करे प्रहार
नागरिक ही देवता, कैसा होगा अनाचार
बहाने बंद करो अब, करो वास्तव स्वीकार
विरोधियों देखो मेरा देश कैसा बदल रहा
देर दुरुस्त आये तो, जाओ श्रीराम के शरण
रामजन्मस्थान जाकर, करो रामलल्ला के दर्शन
जहा राम वही विजय, न हो यह विस्मरण
निर्माण नवयुग का, नक्शा ही बदल रहा है
विरोधियों देखो, मेरा देश कैसा बदल रहा
यावर आपले मत नोंदवा